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News Portal चलाने के बारे में 'सम्पूर्ण-ज्ञान' (A to Z Knowledge)! मात्र 1 Article में...

"मीडिया को लोकतंत्र का चौथा खंभा यूं ही नहीं कहा जाता है!"

जब एक मनुष्य की उम्मीद व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तक से हारने लग जाती है, तब वह उम्मीद सिर्फ और सिर्फ मीडिया पर जाकर टिक जाती है.
मीडिया इन तीनों अंगों को ध्यान दिलाता है कि उनका कार्य ठीक से नहीं हुआ है और पब्लिक को उससे परेशानी है.

News Portal Development, Earning, Registration, Promotion Article in Hindi by Mithilesh


बहुतों को मीडिया ने न्याय (Media for Justice) दिलाया है और यह क्रम आगे भी जारी रहने वाला है.

पहले जहां पत्र और पत्रिकाएं मीडिया का प्रमुख चेहरा (Newspapers and Magazines are old fashioned Media)  हुआ करती थीं, वहीं आज के समय न्यूज़ पोर्टल / न्यूज एप्स मीडिया (News Portals and News Apps are the new face of Media) का बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं.

इसकी पहुंच सूचना क्रांति के बाद देश के कोने कोने तक पहुंच चुकी है.
जब कोई नई इंडस्ट्री अपना शेप लेती है, नई इंडस्ट्री डेवलप होती है, तो उसमें भिन्न प्रकार की समस्याएं आना स्वभाविक ही है.
भिन्न प्रकार की भ्रांतियां तो न्यूज पोर्टल (Problems in running a News Portal) चलाने वाले लोगों के सामने भी आती ही हैं, कई दोराहे आते हैं.

इन्हीं सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस लेख में (A 2 Z information about Successful News Portals) में कई सारे विषय समाहित किए गए हैं, जो हर एक को शुरू से आखिर तक देखना चाहिए, समझना चाहिए.

यह अनुभव मिथिलेश के पिछले 13 वर्षों की मेहनत, पत्रकारिता और लेखन से अनुभव (Who is Mithilesh?) तो मिला ही है, साथ ही न्यूज़ पोर्टल्स एसोसिएशन (News Portals Association) के तमाम सदस्यों द्वारा प्रत्येक सप्ताह होने वाली चर्चा का भी इसमें अहम योगदान है.

आइए देखते हैं कि अब तक न्यूज़ पोर्टल डेवलपमेंट (News Portal Development) करने से जुड़े क्या विषय रहे हैं.
कैसे आप को अपना न्यूज पोर्टल डेवलप करना चाहिए, कैसे आपको इसे मेंटेन करना चाहिए और कैसे इसका प्रचार प्रसार (Maintaining and Promoting your News Portal and News App) करना चाहिए.

सबसे महत्वपूर्ण कैसे न्यूज पोर्टल से कमाई (Earning from News Portals, News Apps) करनी चाहिए, और यह कमाई किस प्रकार से बड़े ब्रांड में कन्वर्ट हो, किस प्रकार से इसके लिए पैसा जुटाएं (Fund raising for News Portals) और यह एक बड़े बिजनेस में कैसे कन्वर्ट होगा, आइए जानते हैं. 

सब कुछ कवर है इस लेख में, इसलिए इत्मिनान से पढ़ें (How to make and run a News Portal successfully, Hindi information).
टिकटोक या फेसबुक के शार्ट वीडियो की तरह जल्दी में न निपटाएं 😃

1. क्यों बनाना चाहते हैं पोर्टल? (Goal of making a News Portal, News App)

पोर्टल बनाना शुरू करने से पहले उसका उद्देश्य समझना बहुत जरूरी है.

क्या आप पहले से पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं, इसलिए न्यूज पोर्टल बनाना चाहते हैं? - Are you a journalist, want to make a news portal?
क्या आपको किसी फील्ड में लिखना अच्छा लगता है, इसलिए न्यूज पोर्टल या न्यूज ऐप बनाना चाहते हैं? - News Portal / News App for writers.
क्या आपको वीडियो मेकिंग अच्छी लगती है? - News apps for video makers
क्या आप इसको शौक के तौर पर लेते हैं या फिर यह आपके लिए एक पैशन है, और कैरियर का चॉइस हो सकता है? - News portal development as a career

क्या आप लंबे समय तक इसमें टिके रह सकते हैं? - 

अगर आप न्यूज़ पोर्टल बनाना चाहते हैं तो इन सब विषयों पर एक बार विचार जरूर कर ले क्योंकि अगर उद्देश्य क्लियर हो जाए तो सफलता की राह में बाधाएं कम आती है.
खुद से पूछें, सलाह लें कि News Portal kyo banana चाहते हैं?

विभिन्न लेखों, वीडियोज को देखें, प्रश्न नोट करें और अपने करीबियों से सलाह लें और पहले इस बात के प्रति आश्वस्त होलें कि आप सच में चाहते हैं न्यूज़ पोर्टल बनाना! - News Portal kaise banaye?

कांसेप्ट क्लियर होना बहुत जरूरी है, ताकि बाद में आप पूरी रफ़्तार से दौड़ सकें. - Concept for News Website making

इस पॉइंट में कोई कन्फ्यूजन है तो हमें कॉल या व्हाट्सअप / सिग्नल मैसेज
इस नम्बर पर कर सकते हैं: 99900 89080

2. सही न्यूज डेवलपमेंट कंसलटेंट /डेवलपर का चुनाव - How to choose good News Portal Developer, New App Consultant?

अधिकतर लोग खुद वेबसाइट बनाना, एप्लीकेशन बनाना नहीं जानते हैं और तब इसके लिए उन्हें किसी कंसलटेंट का चुनाव करना होता है.
हालाँकि, वह कोशिश करें तो कुछ एक महीनों में ऑनलाइन प्रयास करके इसे सीख सकते हैं, पर उन्हें बेहतर लगता है कि समय लगाने की बजाय, एक पहले से अनुभवी न्यूज पोर्टल बनाने वाले कंसल्टेंट (Experienced News Website, Portal Developer) को चुन लिया जाये.

किसी वेबसाइट बनाने वाले ऐप बनाने वाले सही व्यक्ति को चुनना बहुत ज़रूरी होता है!

हालाँकि, बहुत सारे लोग यूट्यूब पर ही वीडियो बनाकर अपना चैनल चलाते हैं, वहीं न्यूज़ ब्रेक करते हैं. ऐसे ही कई लोग फेसबुक जैसे सोशल मीडिया माध्यम पर ही अपनी खबरें ब्रेक करते हैं, लेकिन अगर आप सीरियस ब्रांडिंग और कमाई करना चाहते हैं, तो कहीं ना कहीं आपको अपना एक न्यूज पोर्टल या न्यूज ऐप जरूर चाहिए होता है. Why News portals or News Apps are necessary for Journalists?


आर्टिकल पीडिया ऐप इंस्टाल करें व 'काम का कंटेंट ' पढ़ें
https://play.google.com/store/apps/details?id=in.articlepedia

आइये, इसे कुछ और समझ लें!
यूट्यूब, फेसबुक या किसी और सोशल मीडिया किसी शॉपिंग मॉल की तरह, किसी बाजार की तरह है, लेकिन आपकी अपनी न्यूज वेबसाइट और आपका अपना न्यूज ऐप आपके लिए अपनी दुकान है. Difference between youtube channel, facebook page and News Portals, News Apps

उसको आप कस्टमाइज कर सकते हैं, मनचाहा एडवर्टाइजमेंट लगा सकते हैं, मनचाही न्यूज़ की फॉर्मेटिंग कर सकते हैं, सजा सकते हैं और यह सारी चीजें आपको अपने पोर्टल में या ऐप में ही मिल पाएंगी. इसके अलावा अपनी वेबसाइट या अपने ऐप की ब्रांडिंग कर पाना और भविष्य के लिए तैयार कर पाना कहीं ज्यादा आसान और महत्वपूर्ण होता है.

अब मूल प्रश्न पर आते हैं!

तो अगर आप न्यूज वेबसाइट / न्यूज़ पोर्टल अथवा न्यूज़ ऐप बनवाने जाते हैं, तो सही कंसलटेंट का चुनाव बहुत सावधानी से करिए!
आपको कोई भी एडवांस रकम देने से पहले, डेवलपर की जांच पड़ताल अच्छे से कर लेनी चाहिए. How to find good News Portal Developer?

इसमें News Portal Developer / Consultant के बात करने का ढंग, उसका एक्सपीरियंस, उसके द्वारा बनाई गई वेबसाइट या ऐप्स और उसकी नॉलेज की गहराई को चेक करने का प्रयास अवश्य करना चाहिए. 

कई लोग जल्दबाजी में या कम कीमत के चलते किसी से भी न्यूज़ पोर्टल बनवा लेते हैं.
वह कुछ दिन तक चलता भी है, लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि कुछ समय बाद वह कठिनाई में घिर जाता है और फिर उनको ना तो उचित सर्विस मिल पाती है, और ना ही वह अपने क्लाइंट को न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से विज्ञापन (Advertising on News Portals) इत्यादि की सर्विस ही दे पाते हैं. 

ऐसी अवस्था में News Portal Owner / Editor खुद को ठगा महसूस करते हैं

कई बार तो 1 साल तक, 2 साल तक पोर्टल चलाने के बाद ऐसी स्थिति आती है और उसी स्थिति में आपकी सालों की मेहनत बर्बाद नजर आती है.
तो बेहद सावधानी से अपने कंसलटेंट का चुनाव करें, क्योंकि इससे आपके कुछ पैसे ही रिस्क में नहीं हैं, बल्कि सबसे ज्यादा रिस्क में आप का लगने वाला टाइम है और यह कीमती समय निश्चित तौर पर आपकी असावधानी के कारण खराब हो सकता है. (Time is money for News Portal Owners/ Editors)

सबसे खास बात यह है कि कई कंसलटेंट आपको सिर्फ News Website Develop करके दे देते हैं, तो कई कंसलटेंट को न्यूज इंडस्ट्री का भी अच्छा खासा एक्स्पोज़र होता है, जो आपके आने वाले बिजनेस में भी सही राय देते हैं. - Knowledge about News Portal Industry

निश्चित रूप से आप को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि न्यूज पोर्टल आप एक दिन के लिए नहीं बना रहे हैं, बल्कि आने वाले दिनों में यह आपके लिए इंपोर्टेंट और भी महत्वपूर्ण होने वाला है. इसलिए आगे के लिए भी अवश्य सोचें और तब कंसलटेंट का चुनाव करें.

इससे सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080


3. डोमेन की सुरक्षा - Domain ki Suraksha kaise kare?

बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है यह!

कल्पना कीजिए कि आप किसी एक डोमेन नेम (News Website Domain) पर किसी एक नाम के सहारे बिजनेस कर रहे हैं, अपना न्यूज़ पोर्टल चला रहे हैं, और कुछ समय बाद आपको पता चले कि वह डोमेन आपके नाम पर है ही नहीं?

न केवल डोमेन आपके नाम पर नहीं है, बल्कि उसका एक्सेस भी आपके पास नहीं है! - Get your news domain name here!

ऐसी अवस्था में आप बेबस से रह जाते हैं.

आप अगर खुद से डोमेन बुक करें, तो जो ईमेल आईडी आप इस्तेमाल करते हैं, उसका एक्सेस हमेशा आपके पास रहना चाहिए.
वहीं अगर आप किसी कंसल्टेंट के माध्यम से डोमेन बुकिंग (Domain for News Portal) कराते हैं, तो उसकी डिटेल आपकी ईमेल पर आनी चाहिए.
इसके अलावा आप खुद भी लॉगिन करके चेक करें कि आपकी ईमेल आईडी से वह डोमेन एसोसिएटेड है कि नहीं?
Whois (हू इज?) पर भी डोमेन की डिटेल आप चेक कर सकते हैं कि वह आपके नाम पर है कि नहीं, आपकी ईमेल आईडी वहां है कि नहीं!

कहने का मतलब यह है कि जब तक आप को डोमेन की डिटेल ना मिल जाए, तब तक आप खुद के ब्रांड नेम को सेफ महसूस ना करें. इसकी चर्चा आप अपने वेबसाइट कंसलटेंट से पहले ही कर लें. - Ask your News Domain from your Web Developer or News Website Designer

और जानकारी के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080

अगर आर्टिकल पूरा नहीं पढना चाहते हैं तो सम्पूर्ण ज्ञान का यह वीडियो देख लें...


4. सही प्लेटफार्म का चुनाव - News Portal Development Platform choosing

एक से बढ़कर एक प्लेटफार्म न्यूज़ पोर्टल बनाने के लिए मौजूद हैं, किंतु सबसे अधिक वर्डप्रेस (News website on Wordpress Platform) का इस्तेमाल किया जाता है.

एक आंकड़े के मुताबिक, दुनिया भर की 36% से अधिक वेबसाइटें वर्डप्रेस प्लेटफार्म पर ही बनी होती हैं और इस कारण यह कम्युनिटी बहुत रिच मानी जाती है. इसमें ऐसी कोई चीज ही नहीं, जो आपको न मिले!
यहाँ पहले से ही बने बनाए सलूशन, प्लगइन मिल जाते हैं जो आपके News Portal में फिट हो जाते हैं.

आप चाहे डिजाइन की बात करें, चाहे किसी तरह का पोल क्रिएट करना हो, चाहे स्लाइडर क्रिएट करना हो, मोबाइल के हिसाब से Responsive News Portal बनाना हो, यह तमाम चीजें इस प्लेटफार्म पर लगभग फ्री मिल जाते हैं.

किंतु इसके लिए आपके पास बेहतर न्यूज पोर्टल बनाने वाला, उसे समझने वाला कंसलटेंट भी होना चाहिए, जो बेहतर होस्टिंग पर कार्य करता हो. अगर News Portal Hosting ठीक नहीं होगी, तो आपकी वर्डप्रेस की साइट भी डिस्टर्ब हो जाती है.
अगर कंसलटेंट ठीक नहीं होगा, तो वह इसे ठीक करने में असमर्थ होता है.

प्राइसिंग की बात करें, तो वर्डप्रेस की वेबसाइट अलग-अलग लोग, अपने अपने हिसाब की कीमत से बनाते हैं, किंतु एक्सपीरियंस और ठीक-ठाक जानकार 10 से 12,000 रूपये के बीच में आपकी न्यूज़ पोर्टल की वेबसाइट तैयार कर देता है. Pricing for News Portal Development.

हालाँकि, News Website / News App Development Cost आपकी जरूरत के हिसाब से और वेबसाइट बनाने वाले के हिसाब से घटता और बढ़ता जाता है. आप यह भी ध्यान रखें कि एक न्यूज वेबसाइट 10 हज़ार में भी बनती है, तो वही न्यूज वेबसाइट या News Android App 10 लाख और कई बार करोड़ों तक में भी बनता है.

यह डिपेंड करता है कि आप उसमें क्या फीचर चाहते हो, और किस न्यूज पोर्टल डेवेलप करने वाले कंसलटेंट के पास जा रहे हो!

Call, Whatsapp or Message us @ Signal on this number: 99900 89080

5. न्यूज़ पोर्टल चलाने का कानूनी पहलू कानूनी अधिकार - News Portal Registration, Factful information about Legality of News Portal, News App

इस पर एक नहीं, बल्कि कई वीडियो है, लेख हैं, जो मैंने लिखा और बनाया है.

इसको लेकर बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई हैं.
आपको इससे संबंधित एक वीडियो की लिंक इस पॉइंट के लास्ट में देंगे, जिससे इस मुद्दे को आप और डिटेल में समझ सकते हैं.

शार्ट में आप यह समझ लीजिए कि आपको न्यूज पोर्टल या न्यूज ऐप चलाने के लिए, किसी भी तरीके की लाइसेंस के लिए घबराने की जरूरत नहीं है. 
आप जैसे सोशल मीडिया चलाते हैं, वैसे ही आप अपना न्यूज़ पोर्टल चला सकते हैं, वैसे ही आप अपने ऐप चला सकते हैं.

यह हकीकत है कि इस पर चर्चा सालों से चल रही है, किन्तु अभी इसको लेकर गवर्नमेंट की किसी प्रकार की स्पष्ट गाइडलाइन नहीं आई है.
मैंने खुद सूचना प्रसारण मंत्रालय में, आरएनआई - RNI में कई बारआरटीआई (RTI) लगाई है, किंतु इससे संबंधित कोई भी ठोस जानकारी सामने नहीं आई.

5a. किंतु अगर आप श्योर होना ही चाहते हैं, तो उद्यम रजिस्ट्रेशन, जो बिल्कुल फ्री रजिस्ट्रेशन होता है, उसमें अपना न्यूज पोर्टल या न्यूज ऐप तैयार होने के बाद, आप उस पर फ्री रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. अगर कोई दिक्कत होती है तो यह प्रक्रिया आपकी हम पूरी करा देंगे. इसके लिए आप हमें कॉल या व्हाट्सअप / सिग्नल मैसेज इस नम्बर पर कर सकते हैं: 99900 89080 Udyam Registration for News Portals

5b. इसके अलावा अगर आप खुद को और सेफ करना चाहें, तो अपने न्यूज़ पोर्टल कंपनी के नाम एक जीएसटी की रजिस्ट्रेशन (GST Registration for News Portals, Apps) करा सकते हैं. इसके लिए कई GST Consultant हमारे साथ जुड़े हैं, जो बेहद कम पैसे में न केवल आपका रजिस्ट्रेशन कर देंगे, बल्कि प्रत्येक महीने और क्वार्टरली आपकी रिटर्न भी फाइल करते रहेंगे.
इस हेतु हमें व्हाट्सअप / सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080

उसी न्यूज पोर्टल कंपनी के नाम से आपका बैंक अकाउंट भी खुल जाएगा और उसमें विज्ञापन से आयी रकम के चेक डालते रहें. How to open bank account for News Portal, News Channel

5c. इसके अलावा कई लोग एनजीओ चलाते हैं, उसे रजिस्टर कराते हैं. उसमें वह सामाजिक कार्य भी करते हैं तो अपना न्यूज पोर्टल भी उसी के अंतर्गत चलाते हैं. अगर आपको NGO से सम्बंधित कोई और जानकारी चाहिए तो हम आपको यह कार्य कराने वाले विश्वसनीय व्यक्तियों का संपर्क सूत्र भेज देंगे. - News Portal under NGO

5d. कई लोग न्यूज पोर्टल चलाने के लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बनाते हैं.

5e. कई लोग अपने अख़बार या मैगजीन के नाम के सहारे न्यूज़ पोर्टल भी चलाते हैं, तो कई लोग इसके लिए Newspaper, Magazine Registration भी करा लेते हैं.

यह तमाम चीजें कराने वाले विश्वसनीय लोग मेरे, यानी मिथिलेश के नेटवर्क में मौजूद हैं, और इसके लिए आप मुझे मेरे नम्बर 99900 89080 पर व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज भेज सकते हैं. 
पर मैं लोगों को बेवजह परेशान होने की सलाह नहीं देता हूँ. 

यह सारी चीजें आवश्यक नहीं हैं, और सीधे News Portal Licencing से सम्बंधित भी नहीं हैं. 
कई लोग फोन पर, व्हाट्सअप पर मुझे कहते हैं कि जिला अधिकारी या पुलिस अधिकारियों के पास क्या हम अपने लेटर हेड पर अपने पोर्टल की जानकारी दे सकते हैं?

जी हाँ! अपने पोर्टल की लिस्टिंग के लिए आप सूचना बिल्कुल दे सकते हैं. उन्हें निश्चित तौर पर इसे रिसीव करना चाहिए, अगर रिसीव नहीं करते हैं तो उनके एड्रेस पर उसी लेटर की रजिस्ट्री कर दें. 
हालाँकि, यह उनका अपना अधिकार क्षेत्र है, किंतु आप उनको दे सकते हैं.

इस सम्बन्ध में अगर कोई पुराना मठाधीश पत्रकार भ्रांति फैलाने का कार्य करता है, तो आप उसका कड़ाई से विरोध करें, और अगर कोई ऑफिशियल अधिकारी है तो आप उसकी बात को रिकॉर्ड में रखें और कहें कि वह बातें लिखित में दे, किंतु आप कतई इस संबंध में भ्रम में कतई ना पड़ें.

किसी को रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक नया पैसा न दें, ऐसी धोखाधड़ी मार्किट में खूब चल रही है. ऐसा होता है तो नजदीकी पुलिस ऑफिस में कम्प्लेन दर्ज करायें. - Don't get cheated on the name of News Portal registration! Don't give single rupee to anyone for News Portal registration!

किसी भी सवाल या धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप करें: 99900 89080

देखें चर्चा की वीडियो (Detailed Video on News Portal Registration)

6. पोर्टल कंटेंट और रेगुलर अपडेट - News Portal Content and News Portal Update Work on Regular Basis

यह एक ऐसा फैक्टर है, जो आपको अंततः सफल बनाएगा!

आपके पोर्टल का कंटेंट क्या है, यह आप की आगे की यात्रा तय करने वाला साबित होगा.

इंटरनेट पर कंटेंट के सम्बन्ध में कार्य करते समय, एक बात आप गांठ बांध लें कि कॉपी पेस्ट से आप जितनी जल्दी पीछा छुड़ा लें, उतना अच्छा होगा. Plagiarism is dangerous for your News Portal, Never copy paste any content for your Digital Brand.

एक लाइन भी आप कॉपी-पेस्ट करने की कोशिश न करें.
हां! अगर कोई फैक्ट है तो उसको आप ज़रूर लिख सकते हैं, किंतु उसको भी कोशिश करें कि उसके आगे पीछे के शब्दों को बदल दें!

जैसे मान लें कि एक सेंटेंस है-  'महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था'. 
अगर अपने न्यूज कंटेंट में आपको यह फैक्ट डालना है तो आप लिख सकते हैं कि- 
"2 अक्टूबर 1969 को भारत के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले श्रीमान मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म. गुजरात के पोरबंदर में हुआ था."

बात वही है, किन्तु लाइन चेंज करना आपके News Portal के लिए बहुत ज़रूरी है.

तात्पर्य साफ़ है कि कॉपी पेस्ट से बिल्कुल पीछा छुड़ा लें और Content Plagiarism बिल्कुल ना करें.
न्यूज़ रीलिज आपके पास जो आती है, वह जरूर लिखें, उसको भी अलग शब्द दें, उसको पठनीय भी बनाएं और न्यूज़ के अलावा भी आप कंटेंट प्लान करें! Content Planning for your News Portal, News App is important!

अधिकतर न्यूज़ पोर्टल चलाने वाले लोग आज न्यूज़ अपडेट करते हैं, और कल उसकी एज खत्म हो जाती है. तो अगर सब पॉसिबल न हो तो, कुछ ऐसी चीजें ज़रूर डालें, जिसकी एज (Age of Content) ज्यादा से ज्यादा रहे!
हमारी टीम रेगुलर कंटेंट अपडेट में आपकी हेल्प कर सकती है. 
इससे सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080

खासकर तब जब आप अकेले पोर्टल चलाते हैं, Content Plan और Age of Content, यानी न्यूज, लेख की उम्र कितने दिन तक रहेगी, इस पर अवश्य ही विचार कर लें.

बेहतरीन और आगे तक पढ़ी जा सकने वाली, Interesting and Engaging Content या न्यूज डालने से आपके पोर्टल की खबरों की एज / लाइफ ज्यादा दिन तक रहती है, किन्तु उसका यूनिक होना आवश्यक है.

अगर आपका बिजनेस मॉडल Breaking और Local News Portal का है, तो भी ज्यादा पढ़ा जा सकने वाला और Engaging Conent लिखने के लिए टॉपिक का बहुत सावधानी से चुनाव करें और प्लान के साथ करें.

और हां! बेशक चाहे एक पोस्ट करें, किंतु रेगुलेरिटी न्यूज़ पोर्टल में बहुत आवश्यक है. Regular News Portal Update Service, आपके हिसाब से Unique Writing at Low costing, हमारी टीम प्रोवाइड करती है.
इस हेतु आप हमें संपर्क / Whatsup कर सकते हैं: 99900 89080

ध्यान रखें कि जो ऑडियंस है आपके न्यूज पोर्टल का, वह ऑडियंस आपके पोर्टल को अगर किसी लेवल पर एक्सेप्ट करता है, तो खबरों का लेवल और खबरों की रेगुलर अपडेट को मेंटेन करना बहुत जरूरी है. For audience loyalty, regularity is mandatory for any News portal or App.

इसके लिए News Scheduling के ऑप्शन दिए जाते हैं.
ऐसे में कोई आवश्यक नहीं है कि आपको रोज ही उस पर कार्य करना हो, बल्कि सप्ताह भर की कुछ खबरों को जो Daily News में नहीं आतीं, तो ऐसी पोस्ट को आप शेड्यूल भी कर सकते हैं. ऐसे में अगर इमरजेंसी में आप कहीं फंसे हों, तो निश्चित समय पर वह ऑटोमेटिक पब्लिश हो जाएगी.

न्यूज अपडेट में लेवल बनाए रखना बड़ी चुनौती है और आपको इसे बेहद गंभीरता स लेना चाहिए.
इस बारे में अतिरिक्त जानकारी के लिए मिथिलेश को कॉल करें या व्हाट्स अप करें: 99900 89080

7. प्रचार प्रसार व्यूज - Promoting your News Portal, information in Hindi

यह बहुत सावधानी का गेम है!

आज लोगों के पास बहुत सारी इनफार्मेशन है. अगर आप अपनी खबर इंटेलिजेंट ढंग से शेयर नहीं करते हैं, तो आपको वह लोग ब्लॉक कर देते हैं, या ब्लैक लिस्ट कर देते हैं.

अगर आप व्हाट्सएप पर या किसी दूसरे मैसेंजर पर अपनी खबरों का लिंक शेयर करते हैं, तो कोशिश करें कि लोग इरिटेट ना हों! Don't irritate people while sharing your News portal link!

संबंधित लोगों को, संबंधित खबरें भेजने का प्रयत्न करें, जो उनके लिए उपयोगी हों! 
ऐसे ग्रुप में जहां बहुत सीरियस चर्चा हो रही है, या कोई ऐसा ग्रुप है, जहां बहुत गंभीर लोग हैं, वहां पर हल्की खबरों का लिंक शेयर करने से बचें.
जहाँ पत्रकारों का ग्रुप है, वहां झूठ मुठ की अनुपयोगी खबरों का, कम वैल्यू की खबरों का लिंक शेयर करने से बचें/

साथ ही दिन भर में कई सारी खबरें शेयर करने की बजाय शाम को गुड न्यूज़ का एक 'कलेक्शन कैप्सूल' बना लें और उसे एक बार शेयर कर सकते हैं, वह भी रिलेवेंट लोगों के ग्रुप में!
इसके लिए थोड़ा आपको मेहनत ज़रूर करनी पड़ेगी. शुरू में अलग-अलग ग्रुप क्रिएट करना पड़ेगा, रुचि के हिसाब से अलग-अलग ब्रॉडकास्ट लिस्ट क्रिएट करनी पड़ेगी, लेकिन यही उपयोगी सिस्टम है.
How to share your News link on Whatsapp

इसके अलावा फेसबुक पर भी अगर आप अपनी पोस्ट को पब्लिश करते हैं, तो कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से ठीक ऑडियंस में ही बूस्ट करें. यानी टारगेट ऑडियंस को बहुत सावधानी से सिलेक्ट करें. How to boost News content on Social Media, information in Hindi
इसकी विस्तृत जानकारी या किसी प्रश्न के लिए मिथिलेश को कॉल / व्हाट्सअप करिए:  99900 89080

8. विश्वसनीयता रेगुलर रूटीन और सोर्स लिंक - Credibility of News Portal and News Source Development

विश्वसनीयता एक ऐसी चीज है, जो बाद में पैसे में कन्वर्ट हो ही जाती है!

अगर लोग आप पर भरोसा करते हैं, तो लोग आपको आज या कल या फिर परसों पैसे दे ही देते हैं.
कोशिश करें कि अगर कोई व्यक्ति आपके न्यूज़ पोर्टल के अथवा  न्यूज़ एप के एक कंटेंट पीस को पढता, देखता है, एक या दो मिनट जब तक आप की वेबसाइट, आपके ऐप पर ऑडियंस रुका रहता है, तो उसका समय खराब नहीं होना चाहिए.

उसे तो मजा आना चाहिए!

उसे लगना चाहिए कि एक मिनट उसका नुकसान नहीं हुआ, बल्कि उसे 1 मिनट के लायक चीजें मिलीं.
जब तक आप यह चीज नहीं सोचोगे, तब तक आप की विश्वसनीयता नहीं बनेगी और विश्वसनीयता बनाने के लिए Regular News Portal Update करना बहुत आवश्यक है.

अगर आप आज कोई न्यूज़ डालते हो, चाहे जितनी बढ़िया न्यूज हो, फिर 7 दिन कुछ नहीं डालते, या भूल जाते हो, या आपके पास टीम नहीं है, तो ऐसे में News Portal की Credit, यानी इसकी विश्वसनीयता नहीं बनेगी.

ऑडियंस आप पर भरोसा नहीं करेंगे, ऐसे में News Portal को रेगुलर मेंटेन रखें और अगर कहीं से कोई इंफॉर्मेशन उठाते हैं और अपनी न्यूज  वेबसाइट पर पोस्ट करते हैं. तो उस सूचना का आधार क्या है?
उसका News Source Link देने से भरोसा बढ़ जाता है.

मतलब, क्या किसी न्यूज़ एजेंसी से आपने वह इंफॉर्मेशन ली है, या किसी गवर्नमेंट ऑफिशियल से ली है, या फिर वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट से आपने वह इंफॉर्मेशन लिया है, या फिर किसी विश्वसनीय वेबसाइट से उठाई है, इसका लिंक अवश्य दें.
यह जान लें कि ऐसी अपडेट आपकी खबरों की विश्वसनीयता ही बढ़ाएगा. 
ध्यान रखें, जितनी सजगता बरतेंगे, आपकी सफलता के चांसेस उतने अधिक होंगे.

9. टारगेट ऑडियंस - Target Audience for News Portal

यह दुनिया बहुत बड़ी है और इस बड़ी दुनिया में अधिकतर लोग सिर्फ इसीलिए ही असफल हो जाते हैं, क्योंकि उनको, उनके टारगेट ऑडियंस ही नहीं मालूम होते हैं! For success, choose your Target audience in News Industry

महाभारत के महान धनुर्धर अर्जुन आपको याद होंगे ही!
वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर इसीलिए बने, क्योंकि उन्हें अपना टारगेट हमेशा साफ़और स्पष्ट नजर आता था. चिड़िया की आंख वाली कहानी हम सभी जानते ही हैं.

कुछ ऐसे ही, न्यूज़ पोर्टल न्यूज ऐप चलाते समय आपको यह ध्यान रखना है. आपको किसी हालत में अपने टारगेट से भटकना नहीं है. 
  • आप किसके लिए न्यूज़ लिखते हैं?
  • किस एज ग्रुप के लिए न्यूज़ देते हैं?
  • किस इनकम ग्रुप के लिए कंटेंट लिखते हैं?
  • किस क्षेत्र के लिए लोगों के लिए पोस्ट करते हैं?
यह आपको बड़ा क्लियर होना चाहिए...
  • क्या आप का कंटेंट, आपका पोर्टल स्टूडेंट से रिलेटेड है?
  • क्या यह मिलेनियल से रिलेटेड है?
  • क्या यह किसी खास जेंडर से रिलेटेड है?
  • क्या यह भारत के किसी खास प्रदेश की बात करता है, किसी निश्चित जिले की बात करता है?
जब आप टारगेट ऑडियंस सेट करते हैं, तो यकीनन उसके हिसाब से कंटेंट भी लिखने लगते हैं, और धीरे-धीरे आप में और आपके ऑडियंस में कनेक्शन बन जाता है. Connection with News Portal Reader!

ऐसे में फिर आगे का रास्ता खुलता है.
फेसबुक, या फिर गूगल से जब आप कोई Content Post Boost करते हैं, किसी पोस्ट की Paid Promtion करते हैं, तो वहां, यह बातें और भी स्पष्ट समझ में आती हैं.

शुरू में बहुत ज्यादा फोकस न भी करें, किन्तु बाद में ज़रूर इस पर फोकस करना चाहिए.
यही जान लीजिए कि ऐसा करने पर आप किसी खास ऑडियंस को बहुत अच्छे तरीके से सर्विस दे पाएंगे. बहुत अच्छे तरीके से उसके लिए काम कर पाएंगे.
यह आप की पहचान भी बनाएगा, और फिर कम समय में आप तेजी से आगे बढ़ सकते हैं.

10. न्यूज पोर्टल से कमाई (कई रास्तों से)- Earnig Methods from News Portals
ऑनलाइन व ऑफलाइन विज्ञापन, सदस्यता-अभियान और एसोसिएटेड प्रोडक्ट/सर्विस मार्केटिंग (Online Earning, Offline Earning, Network Building, Membership, Advertisement, Associated Product Marketing) 

कमाई का ऐसा विषय है जो हर कोई जानना चाहता है. लेकिन इसे आगे पढ़ने से पहले आप ऊपर की लाइनों को, शुरुआत से एक बार और दुहरा लें!

अगर ऊपर की लाइनों को आप नहीं समझ पाते हैं, या फिर उसे ठीक ढंग से एक्जिक्यूट नहीं कर पाते हैं , तो फिर कमाई के बारे में मजबूत ढंग से संभवतः प्लान नहीं कर सकेंगे!

बिना स्टेप वाइज कार्य किये 'पैसे' की सोचना आपके लिए उचित नहीं है, क्योंकि इससे सिर्फ समय नुकसान होगा और बेवजह आप परेशान होंगे.

अगर आप ऊपर कही गयी बातों को समझ चुके हैं तो, पूरे उत्साह के साथ आगे बढें, जहाँ आपको कई नए रास्ते पता चलेंगे कमाई के - News Portal se paise kaise kamaye?

कई लोग मुझसे प्रत्येक दिन पूछते हैं कि "क्या न्यूज़ पोर्टल से कमाया जा सकता है?"

मैं तब भी कहता हूँ और अब भी कहता हूँ कि हाँ! News Portal से Earning Possible है, निश्चित तौर पर कमाई है, किंतु इसमें स्टेप वाइज चलना पड़ेगा!

कोई ऐसी जादू की छड़ी नहीं है कि आपको तुरंत ही News Portal से Earning दे दे!

अगर आप सच में एक सफल बिजनेसमैन (How to became a Successful News Entrepreneur?) होना चाहते हैं, अच्छा प्रभाव बनाना चाहते हैं, अच्छी और स्टेबल कमाई करना चाहते हैं, तो फिर ऊपर के स्टेप्स को ध्यान दें और अब मैं कमाई वाले पॉइंट को शुरू करता हूं...

10a. Online Earning with your News Portal (Adsense): 

इस पर कई सारी वीडियोज बनी हैं.
अगर मेरे अनुभव की बात करेंगे तो, न्यूज पोर्टल शुरू करने के बाद थोड़ा रफ़्तार पकड़ा लें, फिर Online Adsense Earning के लिए अप्लाई करें.

जल्दी अप्लाई करने से आपके पोर्टल के रिजेक्ट होने का खतरा रहता है.

अपने पोर्टल के अबाउट अस, कांटेक्ट अस, प्राइवेसी पालिसी सहित, दूसरे लिंक्स कम्प्लीट कर लें.

फिर आपकी पोर्टल पर 50 से ऊपर बढ़िया कंटेंट पीस मौजूद हों और रेगुलर आप उसे अपडेट करते हों. इसके साथ प्रत्येक दिन कम से कम 500 या अधिक विजिटर अपने आप उस पर आने लगे हों.

इसके लिए आप गूगल एनालिटिक्स वगैरह अपनी साइट में इनबिल्ट करा सकते हैं. 
वर्ड प्रेस में तो खुद जेट पैक स्टैट्स इन बिल्ड होता है,  Wordpress News Website Developmentअगर कराया है तो उसमें आपको डिटेल विसिटिंग आंकडा दिखला देगा.

अगर कम यूजर आते हैं, तो ऑनलाइन एडसेंस कुछ समय बाद ही अप्लाई करने के बारे में सोचें. 
साथ ही आप की वेबसाइट कम से कम  3 महीने पुरानी हो जाए. 
उस पर ऑटोमेटिक विजिट आने लगे, तब आप ऐडसेंस के लिए अप्लाई करें.

यह गूगल का ऑनलाइन अर्निंग (Google's Adsens for your News Portal) प्रोग्राम है, जो आपकी News Website or News App पर Advertisement लगाने की सुविधा देता है.
 
अगर एडसेंस अप्रूव हो जाए, तो इसके भरोसे ना बैठे रहें. मैं तमाम मित्रों से बोलता हूं कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही कमाई देता है.
पहले इसमें कुछ अच्छी कमाई जरूर होती थी, लेकिन अब इसके भरोसे ना बैठे रहें.
हाँ! इसका विज्ञापन अप्रूव होने के बाद चला देने से साईट पर एक अट्रैक्शन ज़रूर आता है और थोड़ी बहुत कमाई अगर हो जाती है तो बुरा क्या है?

पर मेरे कहने का मतलब यह है कि सिर्फ Adsense Earning इसके भरोसे न रहें.
इससे सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080

10b. ऑफलाइन (पारंपरिक) विज्ञापन (Offline Traditional Advertisement on your News Portal, News App)

न्यूज़ पोर्टल या न्यूज़ इंडस्ट्री में सबसे अधिक विज्ञापनों के माध्यम से ही कमाई होती है.

चाहे छोटा ब्रांड हो, चाहे बड़ा ब्रांड हो, विज्ञापन से ही न्यूज इंडस्ट्री के लोग कमाते हैं. अगर आप किसी खास क्षेत्र में सर्विस दे रहे हैं, अगर किसी ख़ास टारगेट ऑडियंस को जो ऊपर बताया गया है, उसको ऑडियंस बना रहे हैं, तो आप आसानी से उनके पास एडवर्टाइजमेंट के लिए जा सकते हैं.

आप यह भी ध्यान दीजिए कि आप जिसे सर्विस दे रहे हैं, जो आपका ऑडियंस है, उसे और कौन सी कंपनी सर्विस दे रही है या कौन उसको अपना प्रोडक्ट बेचना चाहता है?

जैसे कि आप हेल्थ की बातें, बुजुर्गों की बातें, बुजुर्गों के खानपान का कंटेंट दे रहे हैं, उनकी न्यूज़ दे रहे हैं, तो बुजुर्गों को और कौन सी कंपनी टारगेट कर रही है, इसका आंकलन आपको करना होगा.

इसमें कोई दवा कंपनी हो सकती है, इसमें बुजुर्गों के लिए इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी हो सकती है. इसमें आई केयर का ध्यान रखने वाली संस्था हो सकती है, इसमें हॉस्पिटल हो सकते हैं.

उनके पास जाकर आप बोल सकते हैं कि-
मारी ऑडियंस और आपकी टारगेट ऑडियंस एक ही है.
वह हमारे कंटेंट को रेगुलर पढती है. ऐसे में अगर आप विज्ञापन देते हैं, तो आपके ऑडियंस तक आपका प्रोडक्ट या सर्विस आसानी से पहुंचेगी.

ऐसे ही फिर धीरे- धीरे आपके न्यूज़ पोर्टल की पहचान बनती है/ अगर आपकी ऑडियंस जनरल है, तो जो भी आपको तमाम बिजनेसमैन, नेता या दूसरे लोग विज्ञापन दे सकते हैं. ऐसे में विज्ञापन के माध्यम से तमाम पत्रकार अच्छी खासी कमाई आसानी से कर पाते हैं और उनकी अच्छी खासी पहचान भी हो पाती है.

10c. मेंबरशिप (Membership is the best way to earn and make your audience for your Content Wesbite, App)

यह बहुत ही रिलायबल माध्यम साबित हो सकता है.

अगर आपने ऊपर के तमाम स्टेप्स को फॉलो कर लिया है, तो आप अपने न्यूज़ पोर्टल के, न्यूज़ ब्रांड के मेंबर बनाना शुरू कर सकते हैं.

मेंबरशिप यानी सदस्यता के लिए आप एक फीस रख सकते हैं और उसके बदले में एक सर्विस रख सकते हैं.
जैसे कि अगर एक मेंबर से 11 सौ रुपए सालाना मेंबरशिप फी रखते हैं, या यह अमाउंट केवल 3 महीने के लिए रखते हैं, जैसी आपकी सुविधा हो, जैसा आप का प्रचार प्रसार और प्रभाव हो, उसी अनुसार आप अपना रेट और कार्य फिक्स कर सकते हैं.

तो उस दौरान आप कस्टमर को ऑफर दे सकते हैं कि उस से रिलेटेड एक हर महीने 4 या 5 (निश्चित नंबर की न्यूज़) आपकी न्यूज़ हमारे पोर्टल पर / न्यूज ऐप पर प्रकाशित होगी.
अगर किसी नेता का बर्थडे होता है, तो उसकी आप फोटो सहित खबर लगा सकते हैं, डायरेक्ट विज्ञापन लगाकर आप उसका प्रचार प्रसार कर सकते हैं. 
साथ ही उसका एक विज्ञापन भी लगा सकते हैं.

इसमें तेजी से आगे बढ़ने के लिए कोई कैंपेन चला सकते हैं. एक निश्चित अवधि के लिए तमाम ऑफर बेहद कम रेट में दे सकते हैं.
ऐसे में सदस्यता शुल्क के माध्यम से आपके पास ना केवल एक निश्चित रेवेन्यू आएगा, बल्कि आपके पास एक अच्छा ख़ासा नेटवर्क बिल्ड हो जाएगा.

ध्यान दीजिये कि यह बहुत ही सधा और सफल आईडिया है.
इस पर हमारे न्यूज़ पोर्टल से तमाम मित्रों ने विस्तृत चर्चा की है. यह वीडियो डिटेल में अवश्य देखें, क्योंकि यह आपकी कमाई के लिए रामबाण साबित हो सकता है.

इससे सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए हमें कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल मैसेज करें: 99900 89080

10d. एसोसिएटेड प्रोडक्ट/सर्विस मार्केटिंग (Get Associated and Sell Product or Service, related with your News Portal)

आप अपना न्यूज पोर्टल चला रहे हो, किन्तु साथ में अगर अपने 10 या अधिक न्यूज पोर्टल चलाने वाले दोस्तों को मिलाकर PR यानी पब्लिक रिलेशन का काम शुरू कर दो तो?
अगर आप नहीं करते हो और किसी पीआर एजेंसी से जुड़ जाओ तो?

अगर आप फाइनेंसियल न्यूज या Business News Portal Development कराया है और उसी से सम्बंधित अपने News Portal में Regular Business Content Update करा रहे हो तो जाहिर है की उसी तरह की ऑडियंस, उसी तरह के पाठक आपके पोर्टल या ऐप से जुड़ेंगे. 
ऐसी स्थिति में अगर किसी इंश्योरेंस बेचने वाले से टाई-अप कर लो तो कैसा रहेगा?

अगर आप एजुकेशनल न्यूज देते हो, Educational News Portal या Educational News App है और Educational content regular update करते हो, जाहिर तौर पर इससे सम्बंधित ऑडियंस आपके पास आयेंगे. 
ऐसी सिचुएशन में अगर आप Coaching चलाने वाले टीचर्स से टाई-अप कर लो तो कैसा रहेगा?

इसी प्रकार अगर टेक्नोलॉजी से सम्बंधित न्यूज देते हो, छोटी-छोटी Tech News Update आपकी News Website की यूएसपी (USP) है और अगर आप किसी News Website Designer, Developer या किसी Android News App Developer से एसोसिएशन कर लो तो कैसा रहेगा?

ऐसी तमाम राहें हैं, जिसमें दोनों को फायदा होगा और आपकी आमदनी का मजबूत सोर्स उभरेगा. 
सोचिये और अगर कांसेप्ट में कहीं दिक्कत आती है तो मिथिलेश को कॉल करें या व्हाट्सअप कर लें: 99900 89080


11. कम्युनिटी बिल्डिंग नेटवर्क डेवलपमेंट - News Portals Association, Online News Industry Community Development, Network Development in Digital Media

आप अकेले ही न्यूज़ पोर्टल चलाते हैं, या न्यूज ऐप चलाते हैं, बहुत बढ़िया है...
लेकिन इस इंडस्ट्री में क्या बदलाव आ रहे हैं, और कौन-कौन इस फील्ड में सक्रिय हैं, इसके लिए आपको अपनी कम्युनिटी से जुड़ना और उन सभी को जोड़ना बहुत जरूरी है.

फिल्म इंडस्ट्री में तमाम लोग फिल्में करते हैं, लेकिन आप देखते होंगे कि अगर कोई अवार्ड फंक्शन होता है, तब सारे फिल्म वाले इकट्ठे होते हैं, उनकी अपनी ख़ास कम्युनिटी है. इससे सम्बंधित उनकी अपनी एक फ्रेटरनिटी है.

ऐसे ही प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने भी कई अलग-अलग समूह बनाया हुआ है, उसमें पत्रकार जुड़े हुए हैं.
ज़ाहिर तौर पर इसके कई लाभ होते हैं. इससे आप को सुरक्षा का अहसास होता है, तो इससे आपको तमाम नई चीजें पता चलती हैं.
आखिर, आप जैसा ही काम और लोग भी कर रहे हैं. आप जैसी कठिनाई उनको भी पेश आती है तो क्यों न अनुभवों को साझा करके संघर्ष आसान किया जाए?
इसके लिए हम लोगों ने News Portals Association का गठन किया है. इससे जुड़ने के लिए नियम आप यहाँ देख सकते हैं. 
प्रत्येक सप्ताह, रविवार को सुबह 11 बजे हम ज़ूम मीटिंग करते हैं और अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करते हैं. 

और भी दूसरी कम्युनिटी डेवलपमेंट में आपको अवश्य ही हिस्सा लेना चाहिए, खासकर जो News Portals Welfare से जुड़ी हों!

इससे आपके पास अच्छा खासा नेटवर्क डेवलप (News Portals Network Development) होता है, तो इससे आपकी कमाई के भी नए स्रोत खुलते हैं/

कई लोग अलग-अलग रेफरेंस देते हैं, तो इससे आपके पास बेहतर कंटेंट आपस में शेयर करने की सुविधा (Content Sharing for News Channel Promotion, Views) भी होती है, तो आप अपने लिए नेटवर्क जरूर डेवलप करें और जैसे हमारी संस्था News Portals Association चलती है, इस तरह की संस्थाओं से एक्टिव रूप में आपको निश्चित रूप से जुड़ना और उसमें भाग लेना चाहिए.
यह नहीं कि नाम-नाम भर के जुड़ जाएं, बल्कि सक्रिय रहें, सक्रिय भूमिका निभाएं. इससे आपकी पर्सनल ग्रोथ तो  होगी ही, साथ ही आपके News Portal Brand Development भी होगा, उसकी भी ग्रोथ होगी. 
फिर News Portal Industry में भी आपकी अच्छी पहचान बनेगी, जो News Channel चलाने के लिए कहीं न कहीं उपयोगी भी है.

इससे सम्बंधित अन्य जानकारियों के लिए आप मुझे, यानी मिथिलेश को व्हाट्सअप करें: 99900 89080

12. फंड रेजिंग (ज्यादा पैसे जुटाने की सोच विकसित करें) - Fund raising for News Portal Growth

अगर ऊपर के सभी स्टेप्स ऑफ फॉलो कर चुके हैं, विश्वसनीयता से लेकर टारगेट ऑडियंस और कमाई से लेकर नेटवर्क बनाना इत्यादि आप इतना डेवलप कर चुके हैं कि अब आपको अपने रूटीन खर्चों के लिए किसी और पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, तो आप अगले स्टेप की ओर बढ़ने को तैयार हैं.



कहने का मतलब है कि क्या आप अपनी News Portal Business से एक हद तक सेटिस्फाई हो चुके हैं?
क्या आपको इतना विश्वास खुद पर हो चला है कि अब आप न्यूज़ पोर्टल चलाएंगे ही चलाएंगे और अपना कैरियर भी इसमें बनायेंगे? Career building with your News Portal!

अगर इसका जवाब हां है, तो आपको इसके प्रचार-प्रसार के लिए और बड़े स्तर पर इसकी मजबूती के लिए, और अधिक आमदनी के लिए आपको फंड की जरूरत पड़ेगी! News Portals ke liye Fund kaise jutaye?

ब आप प्लान बनाइए कि अगले 2 सालों में, 5 सालों में या उससे अधिक समयावधि में आप अपने News Portal, News App से क्या हासिल करना चाहते हैं?

  1. आप कितना News Portal Audience Growth करना चाहते हैं?
  2. कितनी News Portal Earning (आमदनी) बढ़ाना चाहते हैं?
  3. कितना News Portal impact (प्रभाव) बढ़ाना चाहते हैं?
  4. कितना News Portal Freelancers Network बनाना, बढ़ाना चाहते हैं?
  5. कितने News Portal Bureau Office open करना चाहते हैं?

यह तमाम चीजें आप एक कागज पर नोट करें और प्रेजेंटेशन बनाएं!

  • यह सारी चीजें करने के लिए आपको कितना फंड चाहिए?
  • फण्ड के अलावा आपको क्या सपोर्ट एक्जेक्टली चाहिए, जो अगर मिल जाए तो आप उपरोक्त तमाम चीजें महीने दर महीने, क्वार्टर बाई क्वार्टर, साल दर साल News Portal Business Target हासिल  करते जाएंगे? 
  • कितने एंपलाई रखना चाहते हैं?
  • वेबसाइट, एप्लीकेशन को और कितना बेहतर बनाना चाहते हैं?
  • क्या आप एप्पल स्टोर पर iOS News Application Development करा के लांच करना चाहते हैं?
  • अपना ऑफिस खोलना चाहते हैं या बड़ा करना चाहते हैं?

इन तमाम चीजों के लिए आपको जो भी फंड चाहिए, वह 5,000,00 हो सकता है, 10,000,00 हो सकता है. 
हो सकता है वह करोड़ों में हो!

लेकिन उससे पहले आपको डिटेल में प्लानिंग करना जरूरी है और फण्ड रेजिंग की प्लानिंग करने से पहले आपको कॉन्फिडेंस हासिल करना जरूरी है.
खुद अकेले जब आप कॉन्फिडेंट हो जाएँ, उसके बाद ही फंडरेजिंग के बारे में सोचें.

जब ग्रो करने के लिए आपके पास एक प्लान तैयार हो जाए, तब आप यह सोचें कि यह फंड आपको कहां से मिल सकता है? News Portal ke liye fund kaise jutaye?

उदाहरण के लिए यह फंड आपकी फैमिली से आपको मिल सकता है, आपके दोस्तों से मिल सकता है!
आपको अपनी कंपनी का शेयर देने के बदले कोई लोकल इन्वेस्टर मिल सकता है या फिर मार्केट में तमाम एंजल इन्वेस्टर भी होते हैं!
कई जगह Startup Investment Summit होते हैं, जिन पर आपको नज़र रखनी होगी और उसमें पार्टीसिपेट करते रहना होगा.

फिर तो रास्ता खुल जाता है. एक News Portal Startup (स्टार्टअप) बनाकर आप इन लोगों से फंड लेने की गुजारिश कर सकते हैं, या कई दोस्तों को मिलाकर, उनको पार्टनरशिप देकर फंड जुटा सकते हैं.

यह एक बड़ा सब्जेक्ट है और इस जानकारी का मतलब यही है कि आप अपनी सोच बड़ी रखें और उसी आधार पर एक Strong News Portal Model Develop करें.

यकीन मानिए, अगर आपने एक छोटा मॉडल, एक छोटा न्यूज़ पोर्टल चला लिया, तो उस न्यूज़ पोर्टल को न केवल भारत में, बल्कि विश्व भर में फैला सकते हैं और उसके लिए फंड देने वालों की भी कमी नहीं है.
हां! आपके News Portal Planning में दम होना चाहिए!
आपके भीतर कॉन्फिडेंस होना चाहिए और कांफिडेंस हासिल करने के लिए ही तो इस बड़े आर्टिकल में तमाम आजमाए स्टेप्स मिथिलेश ने आपको बताएं हैं.

इससे सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए मिथिलेश को कॉल, व्हाट्सअप या सिग्नल ऐप पर मैसेज करें: 99900 89080


यकीन करें, दुनिया अनलिमिटेड है!

लेखक - मिथिलेश कुमार सिंह, नई दिल्ली




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