दिल्ली की 5 बड़ी आगजनी की दुर्घटनाएं!

हाल ही में दिल्ली की अनाज-मंडी में लगी आग ने सभी के दिल और दिमाग को झकझोर कर रख दिया गया है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली आग के चपेट में आई है।

इससे पहले भी दिल्ली में कई बार आगजनी की बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और उन दुर्घटनाओं में बहुत सारे लोग मारे जा चुके हैं।
आज हम आपको दिल्ली की कुछ बड़ी आगजनी की घटनाओं के बारे में बताएंगे, जिनसे सबक लिया जाना चाहिए।

किन्नर सम्मेलन में लगी आग 

यह घटना 21 नवंबर 2011 की है, जब किन्नरों का सम्मेलन दिल्ली की नंदनगरी स्थित कम्युनिटी सेंटर में चल रहा था। इस सम्मेलन के दौरान आग लग गयी। आग बढ़ते हुए कम्युनिटी सेंटर के टेंट में जा लगी और उस समय भारी संख्या में किन्नर वहां मौजूद थे।

उक्त दुर्घटना में 15 किन्नरों की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हो गए। कुछ ही समय में मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात कर दिया गया और आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन आग लगने की वजह पता नहीं लगाया जा सका। वहीं इस दुर्घटना के दौरान उस इलाके के लोगों ने घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुँचाया।

Top 5 Fire Accident In Delhi  (Pic: thehindu)

उपहार सिनेमा

इसे त्रासदी कह सकते हैं कि उपहार सिनेमा हॉल में मूवी देखने गए कई लोग फिर कभी वापस नहीं आए।

घटना है 13 जून, 1997 की जब बॉर्डर फिल्म रिलीज हुई थी। सिनेमा हॉल में इस फिल्म का क्रेज इतना था कि लोग सिनेमा हालों में भर-भर कर जाया करते थे। 13 जून को भी यही हुआ। साउथ दिल्ली के ग्रीन पार्क एरिया में मौजूद उपहार सिनेमा हॉल में शाम का शो चल रहा था तभी अचानक सिनेमा हॉल के ग्राउंड फ्लोर पर लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ऊपर के फ्लोर तक फैल गई। इस आगजनी में 59 लोग मारे गए जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।

अर्पित पैलेस होटल (करोलबाग)

अर्पित पैलेस होटल में लगी आग की घटना को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं।
12 फरवरी 2019 की घटना है, जब करोलबाग के एक होटल अर्पित पैलेस में आग लग गई और इसमें 17 लोग मारे गए। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गई थीं, लेकिन आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो रहा था।
चूंकि होटल में लकड़ी का काम बहुत ज्यादा मात्रा में हुआ था, इसलिए होटल के कमरे में लगी लकड़ी में आग लगातार फैलती जा रही थी। बता दें कि 25 साल पुराना यह होटल पूरी तरीके से आग की जद में था और धुएं का बड़ा गुब्बारा इस होटल से निकल रहा था।


बवाना फैक्ट्री में लगी आग

यह भी एक फैक्ट्री हादसा था जो दिल्ली के बवाना इलाके में हुआ था। यह घटना 20 जनवरी 2018 की है, जब बवाना की एक फैक्ट्री में आग लग गई। जिसके बाद यह आग बढ़कर वहीं मौजूद प्लास्टिक की फैक्ट्री और पटाखे की फैक्ट्री तक पहुंच गई। इस आगजनी में 17 मजदूर मारे गए, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। हालांकि गोदाम के मालिक मनोज जैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया।

अनाज मंडी स्थित फैक्ट्री में लगी आग 

दिल्ली के रानी झाँसी रोड पर स्थित अनाज मंडी में एक बैग बनाने के कारखाने में आग लगने से 43 लोग मारे गए थे और 15 लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। इस कारखाने में लगी आग में मरने वालों में उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर ज्यादा थे। इस आग को लेकर कहा जा रहा था कि सुबह 4 बजे के समय पांच मंजिली इस ईमारत के दूसरे फ्लोर के मीटर में आग लग गयी और आग फ़ैल कर सभी फ्लोर को अपनी गिरफ्त में ले ली। इस अग्निकांड में मरने वाले ज्यादातर दम घुटने से मारे गए थे।

तो ये हैं वो आगजनी की पांच घटनाएं जिन्होंने कई सारी ज़िंदगियाँ निगल लीं और कितने घरों के चिराग बुझा दिए। वहीं इन घटनाओं ने प्रशासन की कमियों की पोल भी खोली।
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