ढलती उम्र में कैसे रहेंगे 'एक्टिव'?

बचपन के बाद जवानी और जवानी के बाद बुढ़ापा आना तय है। इसे ना ही रोका जा सकता है और ना ही बदला जा सकता है। यह भी सत्य है कि जिस तरह हम जवानी के दिनों में कार्य कर सकते हैं उस तरीके से बढ़ती उम्र में कार्य करना, एक्टिव रह पाना मुश्किल होता है।

ज़ाहिर तौर पर जब हम जवान होते हैं तो हमारे अंदर ऊर्जा होती है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारी ऊर्जा भी कम होती जाती है और तभी असली मुश्किल हमारे सामने पेश आती है।

Pic: Problem-In-Older-Age (casalista)

हालाँकि, हम अपनी छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके ढ़लती उम्र की परेशानियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं और बने रह सकते हैं 'एक्टिव'!
जी हाँ! आईये देखते हैं कि कौन सी वो आदते हैं जिनमें हमें बदलाव लाने की जरुरत है।

सेहत या लापरवाही?

आप या तो सेहत चुनिए या फिर चुन लीजिये लापरवाही को!

शायद ही कोई ऐसा होगा जो यह चाहता हो कि उसकी सेहत खराब हो, किन्तु छोटी-मोटी लापरवाहियां, जिन पर हम ध्यान नहीं देते हैं वह हमें नुक्सान पहुंचाती हैं। जब हम जवान और कम उम्र के होते हैं तो ये परेशानियां इतनी मायने नहीं रखती हैं लेकिन जैसे ही हमारी उम्र ढ़लने लगती है और शरीर कमजोर होता जाता है, तो यह छोटी-छोटी परेशानियों हमारे लिए काफी मुश्किल पैदा कर देती हैं।

इन छोटी-छोटी लापरवाहियों में खानपान का परहेज, तेल-मसाले, चीनी आदि चीजों का परहेज करना शामिल है। इसके अतिरिक्त सिगरेट और शराब का भी परहेज भी उतना ही आवश्यक है।

अक्सर लोग व्यायाम के प्रति लापरवाह होते हैं, लेकिन 'एक्सरसाइज' की आदत सभी को डालनी चाहिए। अगर यह चीजें हम जवानी में कंट्रोल कर लेंगे तो बढ़ती उम्र में दिक्कत नहीं होगी।

डेंटल प्रॉब्लम

उम्र का सबसे अधिक प्रभाव अगर किसी अंग पर पड़ता है तो वो हमारे दांत हैं। इसलिए शुरू से ही अपने दांतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आप जवानी खूब सारे सॉफ्ट ड्रिंक का प्रयोग करते हैं तो आगे चलकर यह आपके लिए समस्या खड़ी कर देगा। वहीं आपके दांत सुरक्षित रहें, इसके लिए आपको कम मात्रा में शुगर लेना चाहिए। साथ ही अपने दांतों की रेगुलर चेकअप कराना भी उतना ही जरुरी है।

गुस्सा और चिड़चिड़ाहट 

कहते हैं कि जवानी में खून गर्म होता है और इसीलिए इंसान को बार-बार गुस्सा आता है। लेकिन अगर आपने गुस्से को अपनी आदत बना ली है तो यह आपके लिए ठीक नहीं है।
यह जान लीजिये कि जवानी में यह बेशक आपको नार्मल लगे, लेकिन जैसे ही आपकी उम्र ढलने लगती है तो यह गुस्सा और चिड़चिड़ापन स्वास्थ्य के लिए भयंकर रूप से नुकसानदायक साबित होते हैं।

अत्यधिक गुस्सा करने से आपका ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। अतः समय रहते अपने गुस्से पर नियंत्रण करने की कोशिश करें।

कैसे मैनेज करें लाइफस्टाइल को?

यह प्रश्न आपको गंभीरता से खुद से पूछना चाहिए और इसका जवाब तब तक ढूंढना चाहिए, जब तक आप संतुष्ट न हो जाएँ!

लाइफस्टाइल का सिस्टमैटिक होना सभी के लिए आवश्यक है, बेशक वह जवान हो या बूढ़ा। यूं जवानी  के दिनों में जैसे-तैसे काम चल जाता है लेकिन अगर आपकी उम्र ढल रही है और आपने सिस्टमैटिक लाइफस्टाइल को नहीं अपनाया है तो यह निसंदेह आपके लिए बड़ी मुसीबत होगी।

अनमैनेज तरीके से काम करने की आदत के चलते आपको अपने द्वारा ही रखी गयी चीजों को ढूंढने में बहुत परेशानी का समाना करना पड़ सकता है। कोई सामान कहीं रख कर भूल जाने जैसी समस्याएं बढ़ती उम्र के साथ आती ही हैं, लेकिन अगर आपने सिस्टमेटिक तरीके से काम करना जवानी से सीख रखा है तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी, यह निश्चित है।

कई बार ऐसा होता है कि हम दिन भर काम करते रहते हैं, फिर भी शाम तक कोई काम पूरा नहीं होता है।

इसका सीधा मतलब यह है कि हमारा काम शेड्यूल्ड नहीं है। अगर काम को सही समय पर करने की आदत शुरू से डेवलप नहीं की जाएगी तो फिर कोई भी काम समय पर हो पाना मुश्किल है।

इसके अलावा दूसरे जरुरी कदम क्या हो सकते हैं, जो ढ़लती उम्र में काम को आसान करें, यह आप हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।

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Web Title: Being Active in Old Age, Lifestyle articles in Hindi

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