'उम्र' बीतने से पहले हो जाएँ 'सजग'

"अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गयी खेत"

बड़ी पुरानी, मगर कितनी सटीक कहावत है और यह उतनी ही सटीकता से आपके फाइनेंस-मैनेजमेंट पर भी लागू होती है। अगर आप समय रहते फाइनेंस जैसे जटिल विषय को समझ लेते हैं तो यह मान लीजिये कि आगे की राह आपके लिए आसान हो जाएगी।
यहाँ तक कि आपका बुढ़ापा भी!

पर मुश्किल यह होती है कि जोशीली जवानी के दिनों में फाइनेंस से जुड़ी कई बातें लोग-बाग़ इग्नोर कर देते हैं और जब उम्र ढलान पर आ जाती है, तब उन्हें समझ आती है कि काश! पहले ही उन्होंने फाइनेंसियल प्लानिंग कर ली होती!
और तब उनके पास "अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गयी खेत" कहावत दुहराने के लिए कोई दूसरा चारा नहीं बचता है।

आइये देखते हैं-

Financial Security in Old Age (Pic: helpage...)


जमा पूंजी पर नियंत्रण 

क्या आप भी उन अभिभावकों में से हैं जो अपना सब कुछ बच्चों को मानते हैं और अपनी तमाम जमा पूँजी की रकम उन पर झोंक देते हैं?
फिर तो आपको वह खबरें ज़रूर पढ़नी चाहिए जिसमें ऐसा करने वाले लोगों को बुढ़ापे में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बात का यह मतलब नहीं निकालें कि आप अपने बच्चों को प्यार ही नहीं करें, उनमें इन्वेस्ट नहीं करें, अच्छी एजुकेशन न दें, बल्कि इस बात का सिर्फ और सिर्फ इतना ही मतलब है कि उन्हें अपनी समस्त एसेट देने की बजाय आपको एक बैलेंस अमाउंट देना चाहिए। उन्हें हर चीज का मालिक न बनाएं, बल्कि अपने हाथ में भी नियंत्रण अवश्य रखें!

क्या पता बुढ़ापे में आपकी बच्चों से नहीं बने, आपके विचार एक-दूजे से टकरा जाएँ और ऐसी सिचुएशन में आप भला किस प्रकार ठीक ढंग से, स्वाभिमान से जीवन-यापन कर सकेंगे?

तो अपनी जिम्मेदारियों को निबाहने के चक्कर में आपको इस पॉइंट को कतई भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

रिटायरमेंट प्लान

क्या कभी आपने गौर किया है कि भारत जैसे देश में लोग सरकारी नौकरी के पीछे क्यों भागते रहे हैं?
जी हाँ! इसमें बुढ़ापे की पेंशन की जो सुविधा रही है, वह लोगों को सरकारी नौकरी की ओर मजबूती से खींचता रहा है।

बदलते हुए समय में भागदौड़ से हर व्यक्ति परेशान है। सभी ऐसे कार्य कर रहे हैं, मानो वह रिटायर ही नहीं होंगे, किंतु "रिटायरमेंट तो अटल सत्य है"।
कोई जल्दी तो कोई थोड़ी देर में!

तो क्या आप उन लोगों में शामिल हैं जो अपने रिटायरमेंट प्लान को लेकर सजग होते हैं या उन लोगों में जिन्हें इसकी ख़ास परवाह नहीं है?

याद रखिये, एक्सपर्ट अब यह सलाह दे रहे हैं कि आपको ढलती उम्र का इंतजार किए बिना ही रिटायरमेंट प्लान पर कार्य शुरू कर देना चाहिए, अन्यथा समय बीतता जायेगा और आप इसे टालते जायेंगे, तब तक... जब तक 'चिड़िया खेत नहीं चुग जाएगी'!

इंश्योरेंस (लाइफ और मेडिकल)

भारत में बेहद तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक क्षेत्र इंश्योरेंस का क्षेत्र है, पर क्या आपने खुद को पर्याप्त सिक्योर किया हुआ है?
यह एक ऐसा सवाल है जो प्रत्येक व्यक्ति को कमाने के साथ ही खुद से पूछना शुरू कर देना चाहिए। कमाई से पहले चूंकि आप अपने पेरेंट्स पर डिपेंड होते हैं, किन्तु कमाई के बाद आपको तमाम जिम्मेदारियां खुद ही निर्वहन करनी होती हैं।
ज़रा कल्पना कीजिये कि आपकी शादी हो गयी है, बच्चे हो गए हैं और अचानक आपकी डेथ हो जाए?

चौंकिए मत!

यह एक कटु सत्य है, जिससे कई लोगों के परिवारों को गुजरना पड़ा है। ऐसे में अगर आपके पास पर्याप्त इंश्योरेंस-कवर नहीं है तो आपकी फैमिली आर्थिक कठिनाई में फंस कर दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो जाती है।

ऐसा नहीं है कि किसी व्यक्ति के जाने के बाद उसकी कमी इंश्योरेंस कवर पूरी कर देगा, किन्तु यह एक बड़ा आर्थिक सहारा अवश्य होता है, यह बात प्रत्येक व्यक्ति को विधिवत समझ लेनी चाहिए।

ठीक यही स्थिति हेल्थ-इंश्योरेंस सेक्टर की भी है। बल्कि हेल्थ को लेकर तो लोगों में और भी कम जागरूकता है। इसकी ज़रुरत उन्हें अवश्य ही लगती है, लेकिन तब जब उनकी उम्र ढलने लगती है। उस वक़्त तमाम बीमारियां उसके सामने खड़ी होती हैं और लगातार आर्थिक स्थिति प्रभावित होती जाती है।

क्रिटिकल बीमारियां तो भूल जाइये, बल्कि छोटी से छोटी बीमारी के इलाज में भी लाखों रूपये लगना आम बात हो गयी है। खुदा न खास्ता, अगर कोई बड़ी बीमारी हो जाए तो लोगों को अपना घर-बार तक बेचने पर मजबूर होना पड़ता है।
ऐसी स्थिति से आप ज़रूर बच सकते हैं, अगर आपने उचित स्वास्थ्य-बीमा करा रखा है तो!
हेल्थ इंश्योरेंस न केवल उम्रदराज व्यक्तियों बल्कि हर उम्र... यहाँ तक कि बच्चों तक में लाभदायक होता है।

कैश 

इसके अलावा अपने पास लिक्विडिटी बनाये रखें!

अधिक बार यह देखा गया है कि कई व्यक्ति रियल-एस्टेट, शेयर इत्यादि में समस्त पूँजी लगा देते हैं और बाद में कैश की समस्या से जूझने लगते हैं। ध्यान रखें कि जो चीज आपको बेहतर रिटर्न दे, उसमें इन्वेस्ट करें लेकिन क्या आप जरूरत के समय मोहताज होना चाहेंगे?
ऐसे में कई बार प्रॉपर्टी कम कीमत में बेचनी पड़ जाती है या फिर इधर-उधर से क़र्ज़ लेना पड़ जाता है। इसलिए लिक्विडिटी बनाये रखिये! खासकर बढ़ती उम्र में आपको तनाव लेने से बचना चाहिए, इसलिए इसकी पर्याप्त व्यवस्था रखिये!

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Web Title: Financial Security in Old Age, Hindi Article

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