Fixed Menu (yes/no)

पपीते की खेती करें और खेती को बनाएं 'फायदे का सौदा'


Papaya Farming, Hindi Article (Pic: thefinancialexpress.com.bd)

पिछले कुछ सालों से किसानों का रुझान पपीते की खेती के तरफ तेजी से बढ़ रहा है. पपीते का फल लोगों में ख़ासा लोकप्रिय है.  पपीते में जहाँ विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, वहीं पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. साथ ही पपीते को औषधि के रूप में भी कार्य लिया जाता है. 

ऐसे में पपीते की खेती करके किसान अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. तो यदि आप भी किसान हैं और आप भी पपीते की खेती करके अच्छी खासी कमाई करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है.

आइए हम इस पोस्ट में आपको बताते हैं कि पपीते की खेती कैसे करें...

पपीते की खेती के लिए अच्छी मिट्टी का चुनाव

पपीते की खेती के लिए अच्छी मिट्टी का चुनाव करना अति आवश्यक है. पपीते की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी अच्छी रहती है. हमें ध्यान रखना होगा कि जिस खेत में पपीते की खेती कर रहे हैं, उसमें पानी का जमाव ना हो.
बारिश होने पर पानी खेत से बाहर निकल जाना चाहिए, ताकि पपीते के पौधे को कोई नुकसान ना हो. खेत में पानी लगने से पपीते के पौधे को नुकसान होगा, इसलिए ध्यान दें कि खेत में पानी का जमाव नहीं होना चाहिए.

पपीते की खेती करने का अच्छा समय

पपीते के खेती करने का सर्वाधिक बेहतर समय सितंबर महीने से अक्टूबर महीने तक होता है. इसके लिए  फरवरी महीने से मार्च महीने तक का भी समय अच्छा माना जाता है. इसी समय हमें पपीते  की खेती करनी चाहिए.

पपीते की अच्छी किस्में

पपीते की अच्छी किस्में पूसा मेजेस्टी, पूसा डेलिशियस, पूसा ड्वार्फ, पूसा नन्हा, कोयम्बर-1, कोयम्बर-3, पूसा जाइन्ट इत्यादि माना जाता है. 

पपीते के पौधे की बुआई 

पपीते के पौधे की बुआई हम कई प्रकार से कर सकते हैं…

1. क्यारियों में बुआई

पपीते की बुआई हम क्यारियों में भी कर सकते हैं. सबसे पहले हमे निराई गुड़ाई कर के क्यारी बनाना होगा, फिर उसमे खाद डाल कर उसमें पपीते का बीज डालना होगा.

2. पालीथीन में बुआई

पपीते की बुआई हम पॉलीथिन में भी कर सकते हैं. इसके लिए हमें बहुत सारी पॉलीथिन की आवश्यकता होगी.  

इसके लिए पॉलीथिन में हमें सबसे पहले मिट्टी तथा खाद को भर कर उसमें पपीते का बीज डालना होगा.
 
सबसे जरूरी बात हमें पपीते के पौधे की देख भाल करनी चाहिए. उसे समय - समय पर पानी देना चाहिए और उसमे कोई भी रोग दिखे तो दवा का छिड़काव तुरंत ही करना चाहिए. जब पौधा रोपाई के लयक हो जाये, तब पौधे की रोपाई कर देनी चाहिए.

पपीते की पौधे की रोपाई 

पपीते की पौधे की रोपाई करने  के लिए हमे खेत को अच्छी तरह से साफ कर के, घास इत्यादि निकालकर निराई गुड़ाई कर लेना चैये, फिर एक लाइन से पौधे की रोपाई करनी चाहिए. इस प्रक्रिया में हमें ध्यान देना चाहिए कि हर एक पौधे के बीच कुछ दुरी अवश्य हो.

हमे पौधे को पास पास नहीं लगाना है. पास पास लगाने से पौधे की अच्छी तरह से वृद्धि नहीं होगी. पौधे की रोपाई करने के बाद हमें पौधे का संरक्षण अच्छी तरह से करना चाहिए.

पपीते के पौधे का संरक्षण 

पपीते के पौधे का संरक्षण बहुत आवश्यक है. पपीते के खेत की अच्छी तरह से निराई गुड़ाई करना चाहिए. खर पतवार साफ करना चाहिए. कोई भी पपीते के पौधे में बीमारी दिखे तो दवा का छिड़काव करना चाहिए.

पपीते के पौधे में फल कब लगेगा?

पपीते के पौधे में फल 9 या 10 महीने में लग जाते हैं. पपीते के फल को हमें अच्छे से तोड़ना चाहिए, जिससे पपीते के पौधे को कोई नुकसान ना पहुंचे. किसान भाई पपीते के फल को बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं.

सच कहा जाए तो किसानी अधिकतर घाटे का सौदा माना जाता है, किन्तु पपीता या ऐसी ही दूसरी प्रोफेशनल खेती इसे लाभ में ला सकती है. 
इस सन्दर्भ में अगर आप का कोई प्रश्न हो तो कमेन्ट बॉक्स में लिखें अथवा हमें मेल करें. 

- टीम आर्टिकल पीडिया



क्या आपको यह लेख पसंद आया ? अगर हां ! तो ऐसे ही यूनिक कंटेंट अपनी वेबसाइट / डिजिटल प्लेटफॉर्म हेतु तैयार करने के लिए हमसे संपर्क करें !

** See, which Industries we are covering for Premium Content Solutions!

Web Title: Premium Hindi Content on Papaya Farming, Hindi Article

Post a comment

0 Comments